50 चीज़ें · मुफ़्त · बिना अकाउंट
रिश्ते — नीलामी के सवाल
नीलामी के रिश्ते पैक के सभी 50 चीज़ें, पूरे लिखे हुए। पढ़ना भी मुफ़्त, ब्राउज़र में खेलना भी।
उन चीज़ों की बोली लगाइए जो पैसे से नहीं मिलतीं, और बजट ख़त्म होता जाता है।
मुफ़्त खेलें- 1एक बार सरप्राइज़ तुम्हारे लिए हो
- 2अपनों से दूरी कभी न बढ़े
- 3जब तुम बोलो तो सब सच में सुनें
- 4जीवन भर चलने वाली दोस्ती
- 5फिर कभी अकेला महसूस न करना
- 6परिवार से कभी बहस न करना
- 7जहाँ भी जाओ पसंद किए जाना
- 8जो तुमसे नाराज़ हो उसे मना लेना
- 9मुश्किल बातचीत कभी न टालना
- 10जिसे चाहते हो उससे कभी दूर न रहना
- 11किसी से बैर रखे बिना जीना
- 12सब अपने राज़ तुम्हें सौंपें
- 13बरसों पहले जिससे अनबन हुई थी उससे सुलह करना
- 14बचपन में जिसने भलाई की उसे ढूँढकर शुक्रिया कहना
- 15हर वीकेंड अपनों से भरी मेज़
- 16हमेशा जो सोचते हो वही कह पाना
- 17बचपन के दोस्तों को फिर से इकट्ठा करना
- 18किसी को ठेस पहुँचाए बिना मना कर पाना
- 19हर साल सब तुम्हारा जन्मदिन याद रखें
- 20पहली ही मुलाक़ात में किसी से भी घुल-मिल जाना
- 21फिर कभी किसी से विदा न लेनी पड़े
- 22हर बहस को अच्छे से ख़त्म कर पाना
- 23जिन्हें चाहते हो वे सब स्वस्थ और ख़ुश रहें
- 24हर साल सबको जोड़ने वाली एक परंपरा बनाना
- 25कोई कभी तुम्हारी चुगली न करे
- 26हर मुश्किल दिन कोई साथ हो
- 27कभी किसी के द्वारा न भुलाया जाना
- 28परिवार की मेज़ पर कोई राजनीति की बात न करे
- 29हमेशा सच बोलने वाला एक दोस्त
- 30जानना कि अपने तुम पर गर्व करते हैं
- 31हर नए शहर में तुरंत एक दोस्त मिल जाना
- 32किसी को सफ़ाई न देनी पड़े
- 33जिसे खो दिया उससे एक बार और बात कर पाना
- 34कोई तुमसे कुछ उम्मीद न रखे
- 35तुम्हारी हर माफ़ी क़बूल हो
- 36अपने जैसा कोई मिल जाना
- 37किसी का कभी क़र्ज़दार न रहना
- 38हर शाम घर पर कोई तुम्हारा इंतज़ार करे
- 39जो भी करो साथ मिले
- 40कोई तुमसे कुछ न छिपाए
- 41किसी भी उम्र में नए दोस्त बना पाना
- 42कोई कभी तुमसे जलन न करे
- 43जब भी मदद चाहिए कोई दौड़ा आए
- 44फिर कभी किसी की याद न सताए
- 45सबसे बेहतरीन सलाह मिलना
- 46अपने संदेश के जवाब का कभी इंतज़ार न करना
- 47परिवार के साथ बीता एक दिन फिर से जीना
- 48कोई कभी तुम्हें ग़लत न समझे
- 49हर किसी का नाम पहली ही बार याद रखना
- 50तुम दोनों के बीच वही पहला-सा जोश बना रहे