150 सवाल · मुफ़्त · बिना अकाउंट
पसंदीदा — पहली डेट के सवाल
पहली डेट के पसंदीदा पैक के सभी 150 सवाल, पूरे लिखे हुए। पढ़ना भी मुफ़्त, ब्राउज़र में खेलना भी।
दो लोगों का खेल, कि आप एक-दूसरे को कितना पहचानते हैं।
मुफ़्त खेलें1कौन-सा संगीत क़रीब?
- पॉप
- रॉक
- इलेक्ट्रॉनिक
- शास्त्रीय
2संगीत में सबसे ज़्यादा क्या पकड़ता है?
- बोल
- धुन
- ताल
- आवाज़ का रंग
3दिन भर संगीत चलता है?
- लगभग हमेशा
- सिर्फ़ रास्ते में
- तय घंटों में
- कभी-कभार
4नए गाने कैसे मिलते हैं?
- बनी-बनाई सूचियों से
- दोस्तों की सलाह से
- कहीं सुनकर
- हमेशा वही सुनना
5गाना पसंद आने में कितना वक़्त?
- पहले कुछ सेकंड में
- कुछ बार सुनने पर
- सुनते-सुनते
- कभी नहीं
6गाने की भाषा मायने रखती है?
- समझ आने वाली हो
- भाषा मायने नहीं
- अनजान भाषा और अच्छी
- बिना बोल के अच्छा
7सुनने की सूची बनाना?
- हर मनोदशा की एक
- एक लंबी सूची
- बनी-बनाई चलाना
- नहीं बनाना
8हेडफ़ोन हमेशा साथ?
- हमेशा साथ
- बैग में रहता है
- सिर्फ़ सफ़र में
- इस्तेमाल नहीं
9रेडियो सुनना?
- रास्ते में हमेशा चालू
- कभी-कभार
- अपनी सूची बेहतर
- बिल्कुल नहीं
10नापसंद संगीत बजे तो?
- बंद कर देना
- आदत डालने की कोशिश
- माहौल का लिहाज़
- कहीं और चले जाना
11किसी को गाना भेजने का मतलब?
- आम-सी बात
- छोटा-सा संदेश
- बहुत निजी बात
- भेजता ही नहीं
12मन उदास हो तो क्या सुनना?
- और उदास गाना
- कुछ ख़ुशनुमा
- कुछ शांत
- संगीत बंद कर देना
13सालों पुराने गानों पर लौटना?
- लगातार
- कभी-कभी
- कोई याद दिलाए तो
- हमेशा नया ढूँढ़ना
14अपना पसंदीदा संगीत सामने वाले को न भाए तो?
- फिर भी चलाना
- उनका पसंदीदा सुनना
- साझा कुछ ढूँढ़ना
- हेडफ़ोन पर लौटना
15फ़िल्म का संगीत कितना अहम?
- फ़िल्म से ज़्यादा रह जाता है
- ध्यान चला जाता है
- बाद में सुनना
- ध्यान ही नहीं
16कौन-सी तरह की फ़िल्में ज़्यादा?
- कॉमेडी
- ड्रामा
- थ्रिलर
- साइंस फ़िक्शन
17फ़िल्म या सीरीज़?
- फ़िल्म
- सीरीज़
- दोनों
- डॉक्यूमेंट्री
18सीरीज़ को कितने एपिसोड?
- एक एपिसोड
- तीन एपिसोड
- एक सीज़न
- आख़िर तक झेलना
19पसंदीदा किताब पर फ़िल्म बने तो?
- पहले किताब पढ़ना
- सिर्फ़ फ़िल्म देखना
- दोनों की तुलना
- फ़िल्म नहीं देखना
20ट्रेलर देखना?
- सब देखना
- कभी-कभार
- मज़ा ख़राब होता है इसलिए नहीं
- ट्रेलर फ़िल्म से बेहतर
21सबटाइटल या डबिंग?
- सबटाइटल के साथ
- डबिंग के साथ
- भाषा आती हो तो बिना सबटाइटल
- जैसा मिल जाए
22कहानी में सबसे ज़्यादा क्या खलता है?
- ज़बरदस्ती का अंत
- बीच में छोड़ देना
- बेवजह खींचना
- कुछ नहीं खलता
23पुरानी फ़िल्मों से कैसा रिश्ता?
- पुरानी पसंद
- नई बेहतर
- मिलाकर देखना
- पुरानी नहीं देखना
24देखते वक़्त बातें पसंद?
- बिल्कुल नहीं
- कभी-कभार ठीक
- मैं ही शुरू करना
- चुपचाप देखना उबाऊ
25सीरीज़ ख़त्म होने पर क्या?
- ख़ालीपन आना
- तुरंत नई शुरू करना
- राहत मिलना
- अंत पर बहस करना
26अंत बुरा हो तो क्या कहना?
- असली लगता है
- मन ख़राब होता है
- और ज़्यादा असर करता है
- अच्छा अंत चाहिए
27नई फ़िल्म कब देखना?
- पहले दिन
- चर्चा शुरू होने पर
- सब भूल जाएँ तब
- बारी आने पर
28रुला देने वाले दृश्य में?
- खुलकर रोना
- छिपाने की कोशिश
- कुछ असर नहीं
- नज़र हटा लेना
29पुरस्कृत फ़िल्में या लोकप्रिय?
- पुरस्कृत
- जो सब देखते हैं
- जो कोई न जानता हो
- जो सामने आ जाए
30देखते वक़्त कितना डूबना?
- दुनिया से कट जाना
- बीच-बीच में निकलना
- साथ में कुछ और करना
- घड़ी देखना
31खाते वक़्त स्क्रीन चालू?
- हमेशा कुछ चलाना
- अकेले हों तो चलाना
- मेज़ पर स्क्रीन नहीं
- संगीत काफ़ी
32सिनेमा में खाने की चीज़?
- ज़रूर लेना
- सिर्फ़ पीने की चीज़
- साथ ले जाना
- कुछ नहीं लेना
33फ़िल्म वाली रात खाना कहाँ से?
- मँगवाना
- खुद बनाना
- हल्का-फुल्का काफ़ी
- पहले ही खा लेना
34कोई तुम्हारे लिए खाना बनाए तो?
- बहुत अच्छा लगना
- शर्म आना
- मदद करने का मन
- खुद बनाना बेहतर
35खाना पकाने के कार्यक्रम?
- बहुत पसंद
- कभी-कभार
- सिर्फ़ मुक़ाबले वाले
- नहीं देखना
36स्क्रीन पर देखी विधि आज़माई?
- अक्सर आज़माना
- एक-दो बार
- हमेशा टालना
- ख़याल ही नहीं आता
37खाने की तस्वीर लेना?
- हर बार
- सुंदर लगे तो
- साझा करने के लिए
- कभी नहीं
38किसी जगह दोबारा जाने की वजह?
- खाना
- माहौल
- संगीत
- पास होना
39किसी जगह बजते संगीत पर ध्यान?
- तुरंत जाना
- तेज़ हो तभी
- बिल्कुल नहीं
- जगह उसी से चुनना
40खाना बनाना कहाँ से सीखा?
- परिवार से
- आज़माकर
- देखकर
- अब तक नहीं सीखा
41विधि का पालन कितना सख़्त?
- ग्राम तक
- मोटे तौर पर
- अपना रंग मिलाना
- विधि नहीं देखना
42नया रेस्तराँ कैसे चुनना?
- राय पढ़ना
- दोस्तों की सलाह
- यूँ ही अंदर चले जाना
- हमेशा एक ही जगह
43कॉफ़ी कहाँ पीना?
- घर पर चुपचाप
- भीड़ वाले कैफ़े में
- चलते-चलते
- काम की मेज़ पर
44वेटर की सलाह आज़माना?
- हमेशा
- कभी-कभी
- अपनी पसंद बताना
- सलाह नहीं माँगना
45खाना धीरे या तेज़?
- बहुत धीरे
- सामान्य
- झट से ख़त्म
- सामने वाले के हिसाब से
46किसी कार्यक्रम के लिए दूसरे शहर?
- तुरंत जाना
- पहुँचना आसान हो तो
- कोई और भी जा रहा हो तो
- नहीं जाना
47मनचाहे कार्यक्रम का टिकट महँगा हो तो?
- फिर भी लेना
- सस्ती जगह लेना
- छोड़ देना
- कोई बुलाए तो जाना
48कार्यक्रम की योजना पहले?
- कई दिन पहले
- उसी दिन तय
- कोई बुलाए तो
- योजना नहीं
49प्रदर्शनी या संग्रहालय कितनी बार?
- अक्सर
- साल में कुछ बार
- सिर्फ़ घूमते हुए
- कभी नहीं
50संग्रहालय में एक कृति के सामने कितनी देर?
- देर तक
- कुछ मिनट
- चलते-चलते
- विवरण पढ़ना
51पर्दे के पीछे की बात जानने की उत्सुकता?
- बहुत
- थोड़ी
- जादू टूट जाता है
- कोई दिलचस्पी नहीं
52सीधे सुनने और रिकॉर्डिंग में फ़र्क़?
- सीधा बिल्कुल अलग
- रिकॉर्डिंग बेहतर
- जगह पर निर्भर
- कोई फ़र्क़ नहीं
53कार्यक्रम में अकेले जाना?
- बेझिझक जाना
- कोई साथ चाहिए
- आज़माया, मुश्किल लगा
- ख़याल ही नहीं आया
54जिस शो में जाना है उसकी तैयारी?
- सब सुन लेना
- थोड़ा पता करना
- कोई तैयारी नहीं
- साथ वाले से पूछना
55उत्सव का माहौल कैसा?
- बिना इसके नहीं
- एक दिन के लिए ठीक
- भीड़ घुटन देती है
- कभी गया ही नहीं
56कॉन्सर्ट में वीडियो?
- शुरू से आख़िर तक
- एक-दो गाने
- सिर्फ़ देखना
- फ़ोन निकालना ही नहीं
57शहर में क्या हो रहा है, ख़बर?
- नियम से रखना
- दोस्तों से सुनना
- आख़िर में पता चलना
- बिल्कुल नहीं
58कार्यक्रम के बाद रात कैसे?
- कहीं बैठकर बातें
- सीधे घर लौटना
- सुबह तक चलना
- पैदल बिछड़ना
59अनजानी तरह के शो में जाना?
- उत्सुकता से जाना
- कोई ज़िद करे तो
- पहले पता करना
- जानी हुई चीज़ चुनना
60शो में देर हो जाए तो?
- चुपचाप अंदर जाना
- मध्यांतर का इंतज़ार
- लौट जाना
- वैसे भी जल्दी पहुँचना
61किताब पढ़ना?
- लगातार पढ़ना
- कभी-कभार
- बहुत दिन से नहीं
- सुनना बेहतर
62किताब चुनते वक़्त क्या?
- विषय
- सुझाने वाला
- आवरण
- मोटाई
63ऑडियो किताब या पॉडकास्ट?
- लगातार सुनना
- रास्ते में
- सोने से पहले
- कभी नहीं
64अकेले होने पर पहले क्या चलाना?
- संगीत
- स्क्रीन पर कुछ
- किताब खोलना
- ख़ामोशी अच्छी
65देखने से पहले रेटिंग?
- ज़रूर देखना
- नज़र डालना
- राय पढ़ना
- खुद तय करना
66शुरुआती दृश्य छोड़ देना?
- हर बार
- कुछ एपिसोड बाद
- कभी नहीं
- वह तो बहुत पसंद
67सुझाई गई चीज़ कब आज़माना?
- तुरंत
- कुछ लोग कहें तब
- याद रहे तो
- अपनी खोजी चीज़ आज़माना
68पसंदीदा चीज़ की आलोचना हो तो?
- बचाव करना
- चुपचाप सुनना
- बहस नहीं करना
- राय बदल भी सकती है
69नया आज़माना या जाने-पहचाने पर लौटना?
- हमेशा नया
- जाने-पहचाने पर
- मनोदशा पर
- सामने वाले के हिसाब से
70देखने-पढ़ने की सूची है?
- व्यवस्थित सूची है
- दिमाग़ में रखना
- जहाँ-तहाँ लिखना
- सूची बढ़ती ही जाती है
71कुछ पसंद नहीं, यह कहना आसान?
- बेझिझक कहना
- दिल न दुखाने की कोशिश
- चुप रहना
- वैसे भी सब समझ जाते हैं
72पसंद दोस्तों जैसी?
- लगभग एक जैसी
- कुछ बातों में
- हमेशा अलग
- सोचा नहीं
73हाथ से कुछ बनाना?
- लगातार कुछ बनाना
- कभी-कभार आज़माना
- आज़माया, नहीं हुआ
- दिलचस्पी नहीं
74कुछ जमा करना?
- सालों से कुछ जमा
- पहले करता था
- अपने आप जमा हो जाता है
- कुछ नहीं जमा करना
75पसंद पूछी जाए तो क्या बताना?
- सुना जाने वाला संगीत
- देखी जाने वाली चीज़ें
- पढ़ी जाने वाली किताबें
- बताने को कुछ नहीं
76एक गाना कहाँ ले जाता है?
- बचपन में
- किसी सफ़र में
- किसी इंसान तक
- कहीं नहीं
77पसंदीदा गाना बजे तो?
- आवाज़ बढ़ाना
- सब छोड़ देना
- पैर ताल देना
- बिना जताए सुनना
78गाने का कौन-सा हिस्सा सबसे पसंद?
- शुरुआत
- मुखड़ा
- अंत
- बीच की ख़ामोशी
79फ़ोन की घंटी क्या?
- पसंदीदा गाना
- सादी धुन
- छोटा कंपन
- जो पहले से था
80हाथ में माइक आ जाए तो?
- तुरंत गाना
- भीड़ कम हो तो गाना
- सिर्फ़ साथ देना
- किसी और को देना
81संगीत के बिना दिन कैसा?
- पता ही नहीं चलता
- कुछ कमी लगती है
- ख़ामोशी अच्छी लगती है
- ऐसा दिन होता नहीं
82संगीत चलने पर काम कैसा?
- जल्दी होता है
- ध्यान भटकता है
- फ़र्क़ नहीं
- कुछ कामों में ज़रूरी
83कौन-सी आवाज़ सुकून देती है?
- बारिश की
- समंदर की
- पसंदीदा धुन
- पूरी ख़ामोशी
84लंबे रास्ते पर संगीत या बातें?
- संगीत
- बातें
- ख़ामोशी
- बारी-बारी सब
85दिमाग़ में अटके गाने से कैसे छूटना?
- गाकर पूरा करना
- दूसरा चलाना
- अपने आप उतर जाता है
- अटकता ही नहीं
86सीटी बजाना?
- बिना ध्यान दिए
- अच्छे मूड में
- किसी को बुलाते हुए
- बिल्कुल नहीं
87संगीत मनोदशा कितनी बदलता है?
- पल में बदल देता है
- थोड़ा असर करता है
- मनोदशा के हिसाब से चुनना
- कोई असर नहीं
88साथ सुनते हुए कोई गाना बदल दे तो?
- दख़ल न देना
- वापस लगाना
- मज़ाक़ में बदलना
- मन ही मन कुढ़ना
89संगीत चलते हुए बात हो सकती है?
- आराम से
- आवाज़ धीमी करना
- बंद कर देना
- संगीत में बात नहीं होती
90सोते वक़्त आवाज़ चाहिए?
- पूरी ख़ामोशी
- हल्की आवाज़
- संगीत चलता रहे
- फ़र्क़ नहीं
91फ़िल्म शुरू होते वक़्त रोशनी?
- घुप अँधेरा
- मद्धम
- जलती रहे
- फ़र्क़ नहीं
92हॉल में कौन-सी सीट?
- अगली कतारें
- ठीक बीच
- सबसे पीछे
- किनारे वाली
93फ़िल्म में सबसे ज़्यादा किस पर ध्यान?
- कहानी पर
- अभिनय पर
- दृश्यों पर
- अंत पर
94देखते हुए अंत का अंदाज़ा?
- हमेशा लगाना
- कभी सही निकलना
- ज़ोर से बोल देना
- कोशिश ही नहीं
95लंबी फ़िल्म कैसी?
- जितनी लंबी उतनी अच्छी
- बीच में विराम
- छोटी चुनना
- लंबाई नहीं देखना
96स्क्रीन के सामने कैसे बैठना?
- सीधा तनकर
- लेटकर
- कंबल में लिपटकर
- जगह बदलते हुए
97फ़िल्म के बाद पहला वाक्य?
- बहुत अच्छी थी
- उम्मीद जैसी नहीं
- अंत समझ नहीं आया
- भूख लग गई
98नाम चलते वक़्त क्या?
- आख़िर तक बैठना
- तुरंत उठना
- संगीत सुनना
- फ़ोन खोलना
99फ़िल्म रोकना?
- अक्सर रोकना
- कभी नहीं
- बीच में विराम
- शुरू से दोबारा
100पसंदीदा फ़िल्म का अगला भाग आए तो?
- तुरंत देखना
- शक से देखना
- पहला ही काफ़ी था
- बारी आने का इंतज़ार
101फ़िल्म में किससे जुड़ाव?
- मुख्य किरदार से
- सहायक किरदार से
- खलनायक से
- किसी से नहीं
102कोई फ़िल्म असर कर जाए तो?
- कई दिन सोचना
- सबको बताना
- उस पर पढ़ना
- तुरंत भूल जाना
103फ़िल्म के बाद कलाकारों के बारे में?
- हमेशा पढ़ना
- जाना-पहचाना लगे तो
- कभी नहीं
- पहले से पता
104घर पर फ़िल्म की रात कैसे?
- पर्दे बंद होना
- फ़ोन किनारे
- खाने का इंतज़ाम
- यूँ ही चला देना
105फ़िल्म से क्या याद रहता है?
- नाम
- दृश्य
- संवाद
- कुछ भी नहीं
106नाश्ते में मीठा या नमकीन?
- ज़्यादातर मीठा
- ज़्यादातर नमकीन
- दोनों साथ
- नाश्ता नहीं
107खाने में मसाला कितना?
- खूब सारा
- नपा-तुला
- नमक काफ़ी
- बिल्कुल नहीं
108थाली में कोई अनजान चीज़ हो तो?
- पहले चखना
- क्या है पूछना
- किनारे रखना
- मज़े से खाना
109मीठा कैसा पसंद?
- गाढ़ा और भारी
- हल्का और फलों वाला
- गरम परोसा हुआ
- मीठा पसंद नहीं
110किसी खाने का मन करे तो?
- तुरंत ढूँढ़कर खाना
- खुद बनाना
- टाल देना
- अपने आप उतर जाता है
111दिन का कौन-सा खाना सबसे ज़रूरी?
- नाश्ता
- दोपहर का
- रात का
- रात की चटपटी चीज़
112खाना पहले किस बात से भाता है?
- ख़ुशबू से
- रूप से
- पहले निवाले से
- नाम सुनकर
113भूख लगने पर क्या होता है?
- चिड़चिड़ाहट
- चुप्पी
- तुरंत कुछ ढूँढ़ना
- फ़र्क़ नहीं
114खाने में कितनी नाज़ुकता?
- सब खाना
- कुछ चीज़ें नहीं
- सूची लंबी है
- मनोदशा पर
115हिस्सा कैसा हो?
- छोटा और कई तरह का
- एक और भरपेट
- बाँटने लायक बड़ा
- पेट भरते ही छोड़ देना
116खाने के साथ रोटी ज़रूरी?
- हर बार
- कुछ खानों में
- कभी-कभार
- बिल्कुल नहीं
117गरम पेय कैसा?
- सादा
- मीठा
- दूध वाला
- साथ में कुछ मीठा
118पसंदीदा खाना दोबारा लेना?
- हमेशा
- जगह बचे तो
- एक चम्मच
- कभी नहीं
119खाने के बाद क्या?
- तुरंत उठना
- मेज़ पर बातें
- लेट जाना
- टहलने जाना
120कोई स्वाद पसंद नहीं, कब तय?
- पहले निवाले में
- कुछ बार आज़माकर
- सालों में बदलता है
- फ़ैसला नहीं बदलता
121खेलते वक़्त कैसे?
- जीतना चाहना
- मज़े के लिए खेलना
- नियमों का ध्यान
- जल्दी ऊब जाना
122खेल हारने पर?
- हँसकर छोड़ना
- दोबारा खेलने को कहना
- चुपचाप बुरा लगना
- नियम पर बहस
123कैसा खेल चुनना?
- बड़े समूह का खेल
- दो लोगों का खेल
- अकेले का खेल
- खेल नहीं खेलना
124खेलकूद ज़िंदगी में कितना?
- नियम से करना
- कभी-कभार
- सिर्फ़ देखना
- बिल्कुल नहीं
125अपनी टीम के मुक़ाबले में कैसे?
- चिल्लाकर हौसला देना
- चुपचाप देखना
- घबराकर कमरे से निकलना
- नतीजा बाद में जानना
126भीड़ भरी महफ़िल में कहाँ मिलोगे?
- बीच में नाचते हुए
- रसोई में बातों में
- किसी कोने में बैठे
- दरवाज़े के पास
127महफ़िल में कितने घंटे?
- कुछ घंटे
- आधी रात तक
- सुबह तक
- जल्दी निकल जाना
128ख़ाली शाम कैसे भरना?
- खेल खेलना
- बाहर निकलना
- हाथ से कुछ बनाना
- कुछ नहीं करना
129खेल में कोई बेईमानी करे तो?
- टोकना
- मज़ाक़ में बदलना
- खेल छोड़ देना
- अनदेखा करना
130किसी मुक़ाबले में शामिल?
- तुरंत शामिल
- मनाने पर
- देखना बेहतर
- कभी नहीं
131खेल सुनते ही क्या याद आता है?
- मुक़ाबला
- हरकत
- टीम का साथ
- थकान
132मज़े के लिए कितने लोग?
- दो
- तीन-चार
- भीड़ चाहिए
- अकेले भी मज़ा
133नाचने कब उतरना?
- पहले गाने पर
- माहौल जमने पर
- ज़िद करने पर
- किनारे ही रहना
134सबसे ज़्यादा हँसी किस पर?
- अचानक आए मज़ाक़ पर
- मज़ेदार नज़ारे पर
- अपनी हालत पर
- सामने वाले की हँसी पर
135बच्चों के साथ खेलना कैसा?
- बहुत पसंद
- थोड़ी देर हो तो अच्छा
- मुश्किल लगता है
- मौक़ा ही नहीं मिला
136खुद को सबसे अच्छा कब लगता है?
- सूरज निकलते वक़्त
- दोपहर के वक़्त
- शाम की ठंडक में
- आधी रात के बाद
137चलने की रफ़्तार?
- सबसे तेज़
- सामान्य
- धीमी और आराम से
- साथ वाले के हिसाब से
138सब्र सबसे जल्दी कहाँ टूटता है?
- जाम में
- क़तार में
- लंबी बातों में
- काम जमा होने पर
139फ़ैसला किससे बदलता है?
- नई जानकारी से
- अपनों की बात से
- वक़्त के साथ
- किसी चीज़ से नहीं
140पहनावा क्या तय करता है?
- आराम
- ठाठ
- आदत
- उस दिन का मन
141शोर भरे माहौल में क्या होता है?
- जोश बढ़ना
- निभा लेना
- थक जाना
- तुरंत निकल जाना
142मज़ाक़ करते वक़्त कैसे?
- तुरंत जवाब देना
- माहौल गरमाना
- खुद पर हँसना
- मज़ाक़ नहीं करना
143कोई काम शुरू करने से पहले?
- मेज़ समेटना
- सूची बनाना
- सीधे शुरू करना
- मन में जमाना
144वक़्त की पाबंदी?
- हमेशा जल्दी
- ठीक समय पर
- कुछ मिनट देर
- घड़ी से नाता नहीं
145काम कब ख़त्म होते हैं?
- तुरंत निपटाकर
- आख़िरी दिन पर
- थोड़ा-थोड़ा करके
- मन के हिसाब से
146छोटे फ़ैसले कितनी देर में?
- तुरंत
- थोड़ा सोचकर
- बहुत देर में
- किसी और पर छोड़कर
147कोई चीज़ न मिले तो?
- ढंग से ढूँढ़ना
- सब उलट-पुलट करना
- किसी से पूछना
- अपने आप मिल जाएगी कहना
148बोलने का अंदाज़?
- तेज़ और जोश भरा
- धीमा और शांत
- कम और सटीक
- हाथ हिलाते हुए
149लोग तुमसे सबसे ज़्यादा क्या कहते हैं?
- बहुत सब्र है
- बहुत ज़िद है
- बहुत तरतीब है
- बहुत बेफ़िक्र हो
150कुछ पहली बार करते वक़्त?
- तुरंत कूद पड़ना
- पहले देखना
- खूब पूछना
- कोई और पहले करे